Uttar Pradesh Govardhan Scheme 2025: Energy from Cow Dung, Prosperity in Villages

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उत्तर प्रदेश गोवर्धन योजना 2025: गोबर से ऊर्जा, गांवों में समृद्धि

Table of Contents

परिचय

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास और स्वच्छता एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए गोवर्धन योजना (GOBARdhan Yojana) को 2025 में नई ऊर्जा के साथ लागू किया है। यह योजना भारत सरकार की स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित होती है, और अब यूपी में इसे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के उद्देश्य से व्यापक रूप दिया गया है।

यह योजना पशुपालन, जैविक खेती, बायोगैस उत्पादन, और ग्रामीण स्वच्छता को एक-दूसरे से जोड़कर “वेस्ट टू वेल्थ” का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करती है।


गोवर्धन योजना क्या है?

GOBARdhan का पूरा अर्थ है: Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan
इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर और अन्य जैविक कचरे से बायोगैस, बायो-CNG और जैविक खाद का उत्पादन किया जाता है।

उत्तर प्रदेश में यह योजना ग्राम पंचायत स्तर पर बायोगैस प्लांट स्थापित कर:

  • किसानों को आय का नया स्रोत देती है
  • स्वच्छता को बढ़ावा देती है
  • और पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान देती है

योजना के उद्देश्य

  • ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर और जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन
  • बायोगैस और बायो-CNG के उत्पादन से वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देना
  • किसानों की आय बढ़ाना
  • खुले में मल त्याग पर रोक लगाना
  • स्वच्छ और टिकाऊ ग्राम्य जीवन की स्थापना

योजना के प्रमुख घटक

घटकविवरण
1. बायोगैस प्लांट निर्माणगाँवों में सामुदायिक स्तर पर बायोगैस प्लांट बनाए जाएंगे
2. कचरा संग्रहण प्रणालीप्रत्येक घर/गौशाला से गोबर और जैविक कचरा इकट्ठा किया जाएगा
3. बायोगैस से ऊर्जाखाना पकाने, कृषि पंप और बिजली के लिए उपयोग
4. जैविक खाद निर्माणबचे हुए स्लरी से वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाएगा
5. स्वच्छता और रोजगारसफाई, प्लांट संचालन और खाद वितरण से रोजगार

योजना के लाभ

✅ किसानों के लिए आय का नया स्रोत

जो गोबर पहले अनुपयोगी था, अब उससे किसान बायोगैस कंपनियों को गोबर बेचकर कमाई कर सकते हैं।

✅ जैविक खेती को बढ़ावा

बायोगैस से प्राप्त स्लरी से बनी ऑर्गेनिक खाद मिट्टी की सेहत सुधारेगी।

✅ स्वच्छता में सुधार

गाँवों में गोबर और कचरा खुले में नहीं पड़ेगा, जिससे बदबू, मच्छर और बीमारियों में कमी आएगी।

✅ वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत

बायोगैस से खाना पकाना, लाइट और सिंचाई में मदद — LPG और बिजली पर निर्भरता घटेगी।

✅ स्थानीय रोजगार सृजन

प्लांट संचालन, खाद पैकिंग, वितरण आदि में युवाओं को काम मिलेगा।


उत्तर प्रदेश में योजना की स्थिति

  • 2025 तक यूपी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक विकास खंड में कम से कम एक गोवर्धन प्लांट स्थापित करना है।
  • बुंदेलखंड और पूर्वांचल में प्राथमिकता के आधार पर बायोगैस प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहन मिल रहा है।
  • कई जिलों में पायलट प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जैसे: ललितपुर, अमेठी, चित्रकूट आदि।

योजना से कैसे जुड़ें? (आवेदन प्रक्रिया)

व्यक्तिगत किसान या गौशाला के लिए:

  1. ग्राम पंचायत/ब्लॉक कार्यालय में संपर्क करें
  2. UP Swachh Bharat Mission (Gramin) या https://sbm.gov.in पोर्टल पर जाएं
  3. अपनी भूमि, पशुओं की संख्या और गोबर उत्पादन की जानकारी दें
  4. तकनीकी और आर्थिक सहायता हेतु आवेदन करें
  5. चयन होने पर सरकारी अनुदान और मार्गदर्शन प्राप्त करें

ग्राम पंचायत या NGO के लिए:

  • सामूहिक गोवर्धन प्लांट के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव भेजें
  • राज्य स्तर से योजना स्वीकृति के बाद अनुदान मिलता है
  • More Info ; https://swachhbharatmission.ddws.gov.in/

सरकारी सहायता (Subsidy)

  • केंद्र व राज्य सरकार से मिलकर 60% तक की सब्सिडी दी जाती है
  • प्लांट के आकार और क्षमता के अनुसार अनुदान तय होता है
  • बायोगैस यूनिट पर GST छूट और अन्य टैक्स लाभ भी मिलते हैं

सफल उदाहरण (Case Study)

चित्रकूट (UP):
यहाँ एक गाँव में 100 से अधिक घरों से गोबर इकट्ठा कर सामूहिक बायोगैस प्लांट से 10 किलो बायोगैस प्रतिदिन तैयार की जा रही है, जिससे 40+ घरों में खाना बन रहा है।


निष्कर्ष

गोवर्धन योजना 2025 उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। यह योजना केवल गोबर से गैस बनाने की बात नहीं करती, बल्कि स्वच्छता, ऊर्जा सुरक्षा, जैविक खेती और रोजगार जैसे कई मुद्दों का समाधान एक साथ करती है।

यदि आप किसान हैं, पंचायत सदस्य हैं या पर्यावरण के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए है। जुड़िए इस हरित क्रांति से, और बनाइए अपने गाँव को स्वच्छ, समृद्ध और आत्मनिर्भर।

Faqs

क्या व्यक्तिगत किसान भी गोवर्धन योजना का लाभ ले सकते हैं?

हाँ, यदि आपके पास पशु हैं और नियमित गोबर उत्पादन होता है तो आप आवेदन कर सकते हैं।

योजना में कितना अनुदान मिलता है?

कुल लागत का 40-60% तक अनुदान केंद्र व राज्य सरकार द्वारा मिल सकता है।

क्या इस योजना में बिजली उत्पादन भी संभव है?

हाँ, बड़े प्लांट बायोगैस से जनरेटर चलाकर बिजली भी पैदा कर सकते हैं।

आवेदन कहां करें?

ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय, या स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पोर्टल पर।

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